Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

चतुर खरगोश और अभिमानी शेर की कहानी हिंदी में

चतुर खरगोश और अभिमानी शेर की कहानी 


किसी जंगल में एक शेर रहता था. वह उस जंगल का राजा था, उसे जो मन में आये करता और ऐशोआराम से अपनी जिंदगी बिताता. जंगल में रहने वाले कोई भी जीव को अपना शिकार बना लेता, कुछ को खाता कुछ को ऐसे ही मार डालता. शेर की इस हरकत से सभी जीव बहुत परेशान थे.
    सभी सोच - विचार करने लगे की शेर बहुत मनमानी कर रहा है इसे रोका जाना चाहिए. सभी मिल कर चल दी शेर के पास, और शेर से बोला गया - "तुम आज के बाद से शिकार करने नही जाओगे, हम सब जंगलवासी एक-एक कर बरी-बरी से आपके पास आ जाया करेंगे और वही आपका शिकार होगा". शेर यह सुन कर खुश हुआ और बोला - ये तो बहुत अच्छी बात है, मुझे शिकार ढूंढने भी नही जाना पड़ेगा.
    इतना कह सभी लोग अपने-अपने स्थान पर पहुंचे. अगले दिन भालू का बारी था तो भालू पहुँच गया शेर के पास और वह शेर का शिकार बन गया. दूसरा दिन बन्दर का बारी था तो इस तरह बन्दर भी शेर का शिकार हुआ.
    तीसरा दिन खरगोश की बारी था, खरगोश चालाक था वह समय पर ना जाकर थोड़ी देरी से पहुंचा. जब शेर के पास गया तो शेर आग बबूला हो उठा और खरगोश से गुस्से में बोला - इतनी देरी कर दी, तुम्हे पता नही मेरा भोजन का समय हो चूका है. खरगोश गिडगिडाते हुए बोला - क्षमा महाराज! मुझे रस्ते में एक शेर मिल गया और वो खुद को इस जंगल का राजा बोल रहा था, पर मैं बोला - नही, नही! मेरे राजा तो वहाँ हैं, तो बोलता है इस जंगल का राजा सिर्फ मैं हूँ और मैं किसी तरह वहाँ से जान बचाकर भागा, इसलिए देरी हो गई. शेर अपने सामने किसी ओर शेर का नाम सुनकर क्रोधित हो उठा और बोला - " तुम्हें रस्ते में कौन शेर मिला था चलो मुझे दिखाओ, पहले उसी से निपट लेता हूँ फिर तुम्हे खाऊंगा." खरगोश बोला - "चलिए महाराज, आपको दिखा देता हूँ." और दोनों वहाँ से चल दिए.
    खरगोश एक कुआँ के सामने रुका और कुआँ के तरफ इशारा करते हुए बोला - "महाराज वो शेर इसी कुआँ में है, इसी ने मेरा रास्ता रोका था." शेर कुआँ में झाँकता है, तो use अपनी ही परछाई दिखाई देती है. वह अपनी ही परछाई को शेर समझ क्र उम पर गुस्सा करने लगता है. शेर गरजता है, तो वो भी शेर गरजता है. ये शेर गुस्सा करता है, तो वो भी गुस्सा करता है. मतलब जो हरकत ये कर रहा था, बिलकुल वैसा ही उसका परछाई में नही दिख रहा था, लेकिन शेर समझ नही पा रहा था. अंत में वह बहुत ज्यादा क्रोधित हो कर उसको मारने के लिए कुआँ में कूद जाता है और वहीँ मर जाता है.
    तो देखा आपने, किस तरह से खरगोश ने अपनी जान के साथ - साथ और जानवरों की भी जान बचाई. इस कहानी से हमे यही शिक्षा मिलती है की कभी भी किसी समस्या से डरें नहीं, बल्कि उसका साहसपूर्वक सामना करें.
                धन्यवाद!

   

Post a Comment

0 Comments